SEO Tutorial in Hindi – What is SEO – SEO क्या है?

अपनी वेबसाइट को सर्च इंजन (जैसे Google) में रैंक करवाने की तकनीकी SEO कहलाती है|

On Page Optimization – ऑन पेज ऑप्टिमाइजेशन: SEO की वो तकनीकें जिन्हे हम अपनी वेबसाइट पर एप्पलाई करते हैं ऑन पेज तकनीकें कहलाती हैं

SEO के इस भाग में हम वेबसाइट के टाइटल,मेटा टैग्स बनाते हैं, कीवर्ड्स Relevance , Prominence और Proximity पर काम करते हैं|

अगर डिज़ाइन के नज़रिये से देखा जाये तो इमेज का ऑप्टिमाइजेशन करते हैं| CSS , JavaScript का ऑप्टिमाइजेशन भी ऑन पेज में ही आता है|

Internal Linking भी वेबसाइट की रैंकिंग में बहुत महत्व रखती है| चूंकि ये links हम अपनी ही वेबसाइट के पेजों को प्रमुख और निश्चित keywords के साथ लिंक करते हैं |

Off Page Optimization – ऑफ पेज ऑप्टिमाइजेशन: इसमें वो सारी गतिविधियां आती हैं जो हमारी वेबसाइट के ऊपर न होकर अन्य वेबसाइट पर होती हैं|
जैसे
डायरेक्टरी सबमिशन (Directory Submission)
विषय विशेष पर लिंक बनाना (Link Building )
अपनी वेबसाइट के विषय और वस्तुओं पर आधारित Blogs और Articles को दूसरी वेबसाइट पर अपनी वेबसाइट के लिंक के साथ प्रकाशित करना
इंटरनेट पर प्रश्नोत्तर में भाग लेना और अपनी सेवाओं और वस्तुओं से सम्बंधित जानकारी उपलब्ध करवाते हुए अपनी वेबसाइट का लिंक देना इत्यादि|

Ranking Secrets – रैंकिंग सीक्रेट्स: कई बार हम इंटरनेट पर उपलब्ध अधूरी और अविश्वसनीय जानकारियों को सत्य मान लेते हैं और गूगल के रैंकिंग फेक्टर्स को, अर्धसत्य जानकारियों में व्यस्त हो जाने के कारण गलती से अनदेखा कर देते हैं |

गूगल ने webmasters की सहायता के लिए दो tools उपलब्ध करवाए हैं| ये हैं Google Analytics और Search Console , जो कि पहले Google Webmaster Tool के नाम से जाना जाता था|

यदि हम इनका ध्यान से अध्यन करेंगे तो पाएंगे कि इनमे ही वेबसाइट को रैंक करवाने का बहुत ही गूढ़ रहस्य दिए गए हैं |

बेहतर रैंकिंग के वास्तविक फैक्टर्स – भाग १ : आपकी वेबसाइट के हर पेज पर Title और Meta Description टैग्स जरूर होने चाहिए| ये टैग्स आपके पेज की विषयवस्तु सर्च इंजन को बताते हैं| उपयोगी एवं अर्थपूर्ण टैग्स वाले वेब पेज अन्य पेजों की तुलना में जल्दी और अधिक समय के लिए रैंक करते हैं| अर्थपूर्ण टैग्स, सर्च इंजन में आपकी वेबसाइट का CTR इम्प्रूव करते हैं|
डुप्लीकेट Title और Meta Description सर्च इंजन को गलत जानकारी प्रेषित करते हैं| इस से आपकी वेबसाइट के रैंक करने के चान्सेस काम हो जाते हैं|
अगर आपके एक ही आर्टिकल के कई पेज हैं तो किसी भी एक पेज को Canonical टैग से परिभाषित कीजिये| ये टैग गूगल को प्राथमिक पेज के बारे में जानकारी देता है|
वेबसाइट में केवल उपयोगी CSS और JavaScript ही रखे | जिनका उपयोग नहीं हो रहा है उन्हें तुरंत वेबपेज से हटा दीजिये| अन्यथा ये अनावश्यक रूप से आपके पेज लोडिंग टाइम हो बढ़ा देंगे| लोडिंग टाइम अधिक होने से रैंकिंग गिरती है|
वेबसाइट के लेख मौलिक और कीवर्ड्स से पूर्ण होने चाहिए

बेहतर रैंकिंग के वास्तविक फैक्टर्स – भाग २: लेख में किसी भी प्रकार से कीवर्ड्स की अनावश्यक रूप से अधिकता नहीं होनी चाहिए| अर्थात कीवर्ड स्टफ्फिंग नहीं होनी चाहिए|
लेख के शब्दों और वेबसाइट के रंग में स्पष्ट अंतर होना चाहिए |
वेबसाइट त्वरित रूप से दिखनी चाहिए | वेबसाइट के लोडिंग टाइम से रैंकिंग में बहुत असर पड़ता है| शीघ्र ओपन होने वाली वेबसाइट की रैंकिंग हमेशा ऊपर रहती है|
अब मोबाइल का प्रचलन कंप्यूटर से ज्यादा होने लगा है| अतः आपकी वेबसाइट मोबाइल फ्रेंडली भी होनी चाहिए|
वेबसाइट में किसी भी प्रकार की 404 Error नहीं होनी चाहिए| अगर आपको Redirection लगाना पड़ रहा है तो 301 का प्रयोग करें| 302 सीमित समय के लिए ही उपयोग करें अन्यथा आपकी वेबसाइट अपनी वास्तविक रैंकिंग से और भी गिर सकती है|
बेहतर होस्टिंग खरीदें| डोमेन का नाम भी रैंकिंग में हेल्प कर सकता है
निश्चित समयावधि पर अपनी वेबसाइट में नए नए लेख प्रकाशित करते रहें| इस से आपकी वेबसाइट अपडेटेड रहती है| ऐसी वेबसाइट अन्य वेबसाइट की तुलना में जल्दी रैंक करती हैं|

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n@school4seo.com



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